HYMNS TO SRIMATA – SRI MEENAKSHI MANIMALAASHTAKAM

        ११. श्रीमीनाक्षीमणिमालाष्टकम्
मधुरापुरिनायिके नमस्ते मधुरालापिशुकाभिरामहस्ते ।
मलयध्वजपाण्ड्यराजकन्ये मयि मीनाक्षि कृपां विधेहि धन्ये ॥ १ ॥
कचनिर्जितकालमेघकान्ते कमलासेवितपादपङ्कजान्ते ।
मधुरापुरवल्लभेष्टकान्ते मयि मीनाक्षि दयां विधेहि शान्ते ॥ २ ॥
कुचयुग्मविधूतचक्रवाके कृपया पालितसर्वजीवलोके ।
मलयध्वजसन्ततेः पताके मयि मीनाक्षि कृपां निधेहि पाके ॥ ३ ॥
विधिवाहनजेतृकेलियाने विमतामोटनपूजितापदाने ।
मधुरेक्षणभावभूतमीने मयि मीनाक्षि कृपां विधेहि दीने ॥ ४ ॥
तपनीयपयोजिनीतटस्थे तुहिनप्रायमहीधरोदरस्थे ।
मदनारिपरिग्रहे कृतार्थे मयि मीनाक्षि कृपां निधेहि सार्थे ॥ ५ ॥
कलकीरकलोक्तिनाददक्षे  कलितानेकजगन्निवासिरक्षे ।
मदनाशुगहल्लकान्तपाणे मयि मीनाक्षि कृपां कुरु प्रवीणे ॥ ६ ॥
मधुवैरिविरिञ्चिमुख्यसेव्ये मनसा भावितचन्द्रमौलिसव्ये ।
तरसा परिपूरितयज्ञहव्ये मयि मीनाक्षि कृपां विधेहि भव्ये॥ ७ ॥
जगदम्ब कदम्बमूलवासे कमलामोदमुखेन्दुमन्दहासे ।
मदमन्दिरहारिदृग्विलासे मयि मीनाक्षि कृपां विधेहि दासे ॥ ८ ॥
पठतामनिशं प्रभातकाले मणिमालाष्टकमष्टभूतिदायी ।
घटिकाशतचातुरीं प्रदद्यात् करुणापूर्णकटाक्षसन्निवेशात् ॥ ९ ॥
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