SARASWATI ASHTOTHARA SATANAMA STOTRAM

सरस्वत्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम्
सरस्वती महाभद्रा महामाया वरप्रदा
श्रीप्रदा पद्मनिलया पद्माक्षी पद्मसंभवा   ॥१-८॥
शिवानुजा पुस्तकभृत् ज्ञानमुद्रा रमा परा
कामरूपा महाविद्या महापातकनाशिनी ॥९-१६॥
महाश्रया मालिनी महाभोगा महाभुजा
महाभागा महोत्साहा दिव्यांगी सुरवन्दिता ॥१७-२४॥
महाकाली महापाशा महाकारा महाङ्कुशा
पीता विमला विश्वा विद्युन्माला च वैष्णवी ॥२५-३३॥
चन्द्रिका चन्द्रवदना चन्द्रलोकविभूषिता
सावित्री सुरसा देवी दिव्यालंकारन्भूषिता ॥३४-४०॥
वाग्देवी वसुधा तीव्रा महाभद्रा महाबला
भोगदा भारती भामा गोविन्दा गोमती शिवा ॥४१-५१॥
जटिला विन्ध्यावासा विन्ध्याचलविराजिता
चण्डिका वैष्णवी ब्राह्मी ब्रह्मज्ञानैकसाधना  ॥५२-५८॥
सौदामिनी सुधामूर्तिः सुभद्रा सुरपूजिता
सुवासिनी सुनासा च विनिद्रा पद्मलोचना ॥५९-६६॥
विद्यारूपा विशालाक्षी ब्रह्मजाया महाबला
त्रयीमूर्तिः त्रिकालज्ञा त्रिगुणा शास्त्ररूपिणी॥६७-७४॥
शुंभासुरप्रमथनी शुभदा च स्वरात्मिका
रक्तबीजनिहन्त्री च चामुण्डा अम्बिका तथा ॥७५-८०॥
मुण्डकायप्रहरणा धूम्रलोचनमर्द्दिनी
सर्वदेवस्तुता सौम्या सुरासुरनमस्कृता॥८१-८५॥
कलाधारा कालरात्रिः रूपसौभाग्यदायिनी
वग्देवी च वरारोहा वाराही वारिजासना ॥८६-९२॥
चित्रांबरा चित्रगन्धा चित्रमाल्यविभूषिता
कान्ता कामप्रदा वन्द्या विद्याधरसुपूजिता ॥९३-९९॥
श्वेतानना नीलभुजा चतुर्वर्गफलप्रदा
चतुराननसाम्राज्या रक्तमध्या निरंजना ॥१००-१०५॥
हंसासना नीलजंघा ब्रेह्मविष्णुशिवात्मिका ॥१०६-१०८॥


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