SRI TULSI ASHTOTHARA SATANAMA STOTRAM

तुलस्यष्टोत्तरशतनामस्तोत्रं
तुलसी पावनी पूज्या वृन्दावननिवासिनी
ज्ञानदात्री ज्ञानमयी निर्मला सर्वपूजिता  ||१-८||
सती पतिव्रता वृन्दा क्षीराब्धिमथनोद्भवा
कृष्णवर्णा रोगहन्त्री त्रिवर्णा सर्वकामदा ||९-१६||
लक्ष्मीसखी नित्यशुद्धा सुदती भूमिपावनी
हरिध्यानैकनिरता हरिपादकृतालया   ॥१७-२२॥ 
पवित्ररूपिणी धन्या सुगन्धिन्यमृतोद्भवा
सुरूपारोग्यदा तुष्टा शक्तित्रितयरूपिणी  ॥२३-२९॥
देवी देवर्षिसंस्तुत्या कान्ता विष्णुमनःप्रिया
भूतवेतालभीतिघ्नी महापातकनाशिनी ॥३०-३५॥
मनोरथप्रदा मेधा कान्तिर्विजयदायिनी
शंखचक्रगदापद्मधारिणी कामरूपिणी   ॥३६-४१॥
अपवर्गप्रदा श्यामा कृशमध्या सुकेशिनी
वैकुण्ठवासिनी नन्दा बिंबोष्ठी कोकिलस्वना ॥४२-४९॥
कपिला निम्नगाजन्मभूमी आयुष्यदायिनी
वनरूपा दुःखनाशी अविकारा चतुर्भुजा   ॥५०-५६॥
गरुत्मद्वाहना शान्ता दान्ता विघ्ननिवारिणी
विष्णुमूलिका पुष्टा त्रिवर्गफलदायिनी  ॥५७-६३॥
महाशक्तिर्महामाया लक्ष्मीवाणीसुपूजिता
सुमंगल्यर्चनप्रीता सौमङ्गल्यविवर्धिनी ॥ ६४-६८॥
चातुर्मासोत्सवाराध्या विष्णुसान्निध्यदायिनी
उत्तानद्वादशीपूज्या सर्वदेवप्रपूजिता      ॥६९-७२॥
गोपीरतिप्रदा नित्या निर्गुणा पार्वतीप्रिया
अपमृत्युहरा राधाप्रिया मृगविलोचना    ॥७३-७९॥
अम्लाना हंसगमना कमलासनवन्दिता
भूलोकवासिनी शुद्धा रमकृष्णादिपूजिता ॥८०-८५॥
सीतापूज्या राममनःप्रिया नन्दनसंस्थिता
सर्वतीर्थमयी मुक्ता लोकसृष्टिविधायिनी ॥८६-९१॥
प्रातर्दृश्या ग्लानिहन्त्री वैष्णवी सर्वसिद्धिदा
नारायणी सन्ततिदा मूलमृद्धारिपावनी  ॥९२-९८॥
अशोकवनिकासंस्था सीताध्याता निराश्रया
गोमतीसरयूतीररोपिता कुटिलालका  ॥९९-१०३॥
अपात्रभक्ष्यपापघ्नी दानतोयविशुद्धिदा
श्रुतिधारणसुप्रीता शुभा सर्वेष्टदायिनी ॥१०४-१०८॥


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