ANJANEYA ASHTOTTARA SATANAMAVALI

आञ्जनेयाष्टोत्तरशतनामावलिः
ओं आञ्जनेयाय नमः
ओं महवीराय नमः
ओं हनूमते नमः
ओं मारुतात्मजाय नमः
ओं तत्त्वज्ञानप्रदाय नमः
ओं सीतादेवीमुद्राप्रदायकाय नमः
ओं अशोकवनिकाच्छेत्रे नमः
ओं सर्वमायाविभञ्जनाय नमः
ओं सर्वबन्धविमोक्त्रे नमः
ओं रक्षोविद्ध्वंसकारकाय नमः                १०
ओं परविद्यापरिहर्त्रे नमः
ओं परशौर्यविनाशनाय नमः
ओं परमन्त्रनिराकर्त्रे नमः
ओं परयंत्रप्रभेदकाय नमः
ओं सर्वग्रहविनाशकाय नमः
ओं भीमसेनसहायकृते नमः
ओं सर्वदुःखहराय नमः
ओं सर्वलोकचारिणे नमः
ओं मनोजवाय नमः
ओं पारिजातद्रुममूलस्थाय नमः                 २०  
ओं सर्वमंत्रस्वरूपवते नमः          
ओं सर्वतंत्रस्वरूपिणे नमः
ओं सर्वयन्त्रात्मिकाय नमः
ओं कपीश्वराय नमः
ओं महाकायाय नमः
ओं सर्वरोगहराय नमः
ओं प्रभवे नमः
ओं बलसिद्धिकराय नमः
ओं सर्वविद्यासंपत्प्रदायकाय नमः
ओं कपिसेनानायकाय नमः                    ३०
ओं भविष्यच्चतुराननाय नमः
ओं कुमारब्रह्मचारिणे नमः
ओं रत्नकुण्डलदीप्तिमते नमः
ओं चञ्चलद्वालसन्नद्धलंबमानशिखोज्ज्वलाय नमः
ओं गन्धर्वविद्यातत्त्वज्ञाय नमः
ओं महाबलपराक्रमाय नमः
ओं कारागृहविमोक्त्रे नमः
ओं शृंखलाबन्धमोचकाय नमः
ओं सागरोत्तारकाय नमः
ओं प्राज्ञाय नमः                            ४०  
ओं रामदूताय नमः
ओं प्रतापवते नमः
ओं वानराय नमः
ओं केसरीसूनवे नमः
ओं सीताशोकनिवारणाय नमः
ओं अञ्जनागर्भसंभूताय नमः
ओं बालार्कसदृशाननाय नमः
ओं विभीषणप्रियकराय नमः
ओं दशग्रीवकुलांतकाय नमः  
ओं लक्ष्मणप्राणदात्रे नमः                     ५०
ओं वज्रकायाय नमः
ओं महाद्युतये नमः
ओं चिरञ्जीविने नमः
ओं रामभक्ताय नमः
ओं दैत्यकार्यविघातकाय नमः
ओं अक्षहन्त्रे नमः
ओं काञ्चनाभाय नमः
ओं पञ्चवक्त्राय नमः
ओं महातपसे नमः
ओं लंकिणीभञ्जनाय नमः                    ६०
ओं श्रीमते नमः
ओं सिंहिकाप्राणभञ्जनाय नमः
ओं गन्धमादनशैलस्थाय नमः
ओं लंकापुरविदाहकाय नमः
ओं सुग्रीवसचिवाय नमः
ओं धीराय नमः
ओं शूराय नमः
ओं दैत्यकुलान्तकाय नमः   
ओं सुरार्चिताय नमः
ओं महातेजसे नमः                          ७०
ओं रामचूडामणिप्रदाय नमः
ओं कामरूपिणे नमः
ओं पिङ्गलाक्षाय नमः
ओं वर्धिमैनाकपूजिताय नमः
ओं कबलीकृतमार्ताण्डमण्डलाय नमः
ओं विजितेन्द्रियाय नमः
ओं रामसुग्रीवसंधात्रे नमः
ओं महिरावणमर्दनाय नमः
ओं स्फटिकाभाय नमः
ओं वागधीशाय नमः                    ८०
ओं नवव्याकृतिपण्डिताय नमः
ओं चतुर्बाहवे नमः
ओं दीनबन्धवे नमः
ओं महात्मने नमः
ओं भक्तवत्सलाय नमः
ओं संजीवननगाहर्त्रे नमः
ओं शुचये नमः
ओं वाग्मिने नमः
ओं धृतव्रताय नमः
ओं कालनेमिप्रमथनाय नमः              ९०  
ओं हरिर्मर्कट मर्कटाय नमः
ओं दान्ताय नमः
ओं शान्ताय नमः
ओं प्रसन्नात्मने नमः
ओं दशकण्ठमदापहाय नमः
ओं योगिने नमः
ओं रामकथालोलाय नमः
ओं सीतान्वेषणपण्डिताय नमः
ओं वज्रदंष्ट्राय नमः                    
ओं वज्रनखाय नमः                      १००
ओं रुद्रवीर्यसमुद्भवाय नमः        
ओं इन्द्रजित्प्रहितामोघब्रह्मास्त्रविनिवर्तकाय नमः
ओं पार्थध्वजाग्रसंवासाय नमः
ओं शरपञ्जरहेलकाय नमः   
ओं दशबाहवे नमः
ओं लोकपूज्याय नमः
ओं जाम्बवत्प्रीतिवर्धनाय नमः
ओं सीतासमेतश्रीरामपादसेवाधुरंधराय नमः १०८ 

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