LYRICS OF ‘BRINDAVANANTHA SANCHARA’ BY BRHMANANDA

Lyrics of ‘BrindAvanAntasanchAra’ by Brahmananda
Raga: Punnagavarali
Tala: Adi
Pallavi (refrain)
बृन्दावनान्तसञ्चार नन्दकुमार
वन्दारुजन मन्दार            (बृन्दावन…..)
Anupallavi
इन्दीवरपत्राभ इन्दुवंशरत्नदीप
मन्दरधरानन्दकन्द वन्दनं ते  (बृन्दावन…..)
Charanam
वंशीविभूषितकर वनमालाधर
वारिधरनिभाकार
कंसरिपुसंहार काञ्चनाद्रिसमधीर
संसारभीतिहर सरसदिव्यविहार  (बृन्दावन…..)

कञ्जदलायतनेत्र कमनीयगात्र

कारुण्यामृतसमुद्र
गुञ्जावतंस परिपिञ्छ विलसद्वक्त्र
मञ्जुलगोपवेष रञ्जितजगन्नेत्र
(बृन्दावन…..)
कालिन्दीतीरविहार कल्हार हार
कल्याणगुणगणाकर
कालीय मौलिमणि रञ्जितमञ्जीर पद
कालाम्बुदनिभ श्याम दिव्य शरीर
(बृन्दावन…..)


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