LYRICS OF “GOPIKARAMANA GOKULOTSAVA’ BY BHADRACHALARAMADASA

Lyrics of ‘gopikaramana
gokulotsava’  by Bhadrachalaramadasa
Raga: anandabhairavi
Tala: tisralaghu
गोपिकारमण गोकुलोत्सव
गोविन्द जय पाहि माम्
नन्दनन्दन इन्दुवदन
सुन्दरानन पाहि माम् ॥१॥
कुण्डलालंकृत अण्डजासन
पुण्डरीकाक्ष पाहि माम्
चण्डकोदण्ड खण्डितासुर
पण्डिताश्रय पाहि माम् ॥२॥
दानवान्तक दीनमन्दार
भानुवंशज पाहि माम्
सिद्धसन्नुत वृद्धसेवित
सिद्धसंकल्प पाहि माम् ॥३॥
नारदार्चित वेदसन्नुत
पादपंकज पाहि माम्
पातकान्तक पूतनाहर
पूतचारित्र पाहि माम् ॥४॥
इन्दुवंशज कुन्दरदन
चन्दनालिप्त पाहि माम्
हीरालंकृत हारभूषण
धीरशेखर पाहि माम् ॥५॥
वारणार्ति निवारणाखिल
लोककारण पाहि माम्
दानशौण्डीर गानलोल
समानरहित पाहि माम्॥६॥
वत्सपाल श्रीवत्सलाञ्छ्न
वत्ससूदन पाहि माम्
भद्रगुण सुभद्रापूर्वज
भद्राद्रीश्वर पाहि माम् ॥७॥   (गोपिका…)


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