SRI BHUTANATHA STOTRA DASAKAM

४. श्रीभूतनाथस्तोत्रदशकम्
पाण्ड्यभूपतीन्द्रपूर्वपुण्यमोहनाकृते
पण्डितार्चिताङ्घ्रिपुण्डरीक पावनाकृते ।
पूर्णचन्द्रतुण्डवेत्रदण्डवीर्यवारिधे
पूर्णपुष्कलासमेत भूतनाथ पाहि माम् ॥ १॥

आदिशंकराच्युतप्रियात्मसम्भव प्रभो
आदिभूतनाथ साधुभक्तचिन्तितप्रद ।
भूतिभूष वेदघोषपारितोष शाश्वत
पूर्णपुष्कला समेत  भूतनाथ पाहि माम् ॥ २ ॥
पञ्चबाणकोटिकोमलाकृते कृपानिधे
पञ्चगव्यपायसान्नपानकादिमोदक ।
पञ्चभूतसञ्चयप्रपञ्चभूतपालक
पूर्णपुष्कलासमेत भूतनाथ पाहि माम् ॥ ३ ॥
चन्द्रसूर्यवीतिहोत्रनेत्र नेत्रमोहन
सान्द्रसुन्दरस्मितार्द्र केसरीन्द्रवाहन ।
इन्द्रवन्दनीयपाद साधुवृन्दजीवन
पूर्णपुष्कलासमेत भूतनाथ पाहि माम् ॥ ४ ॥
वीरबाहुवर्णनीयवीर्यशौर्यवारिधे
वारिजासनादिदॆववन्द्य सुन्दराकृते ।
वारणॆन्द्रवाजिसिंहवाह भक्तशेवधे
पूर्णपुष्कलासमेत भूतनाथ पाहि माम् ॥ ५ ॥
अत्युदारभक्तचित्तरङ्गनर्तनप्रभो
नित्यशुद्धनिर्मलाद्वितीय धर्मपालक ।
सत्यरूप मुक्तिरूप सर्वदेवतात्मक
पूर्णपुष्कलासमेत भूतनाथ पाहि माम् ॥ ६ ॥
सामगानलॊल शान्तशील धर्मपालक
सॊमसुन्दरास्य साधुपूजनीयपादुक ।
सामदानभेददण्डशास्त्रनीति बोधक
पूर्णपुष्कलसमेत भूतनाथ पाहि माम् ॥ ७ ॥
सुप्रसन्नदेवदेव सद्गतिप्रदायक
चित्प्रकाश धर्मपाल सर्वभूतनायक ।
सुप्रसिद्ध पञ्चशैलसन्निकेतनर्तक
पूर्णपुष्कला समेत भूतनाथ पाहि माम् ॥ ८ ॥
शूलचापबाणखड्गवज्रशक्ति शोभित
बालसूर्यकॊटिभासुराङ्ग भूतसेवित ।
कालचक्र संप्रवृत्ति कल्पना समन्वित
पूर्णपुष्कला समेत भूतनाथ पाहि माम् ॥ ९ ॥
अद्भुतात्मबोधसत्सनातनोपदेशक
बुद्बुदोपमप्रपञ्चविभ्रमप्रकाशक ।
सप्रथप्रगल्भचित् प्रकाश दिव्यदेशिक
पूर्णपुष्कलासमेत भूतनाथ पाहि माम् ॥ १० ॥
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