SRI VISWANATHA SUPRABHATAM

  श्री
विश्वनाथ सुप्रभातम्
श्रीनीलकण्ठ
गिरिजेश सुरेश शम्भो
श्रीपार्वतीश
करुणामय दीनबन्धो
कैलासनाथ
भुवनेश जगन्निवास
श्रीविश्वनाथ
तव भासुर सुप्रभातम् ॥१॥
श्रीपार्वतीहृदयनाथ
कृपांबुराशे
भूतेश
देव शिव शंकर चन्द्रमौले
लोकेश
शर्व मदनान्तक वामदेव
श्रीविश्वनाथ
तव भासुर सुप्रभातम् ॥२॥
श्रीशंकर प्रमथनायक देवदेव
गंगाधर पशुपते
सुरमामुनीश।
श्रीकण्ठ शम्भो हर पापहारिन्
श्रीविश्वनाथ
तव भासुर सुप्रभातम् ॥३॥
श्रीव्योमकेश शितिकण्ठ वृषाकपे श्री-
विश्वात्मक त्रिभुवनेश्वर शक्तिनाथ
मृत्युञ्जय गुणनिधे गणनाथ शम्भो
श्रीविश्वनाथ
तव भासुर सुप्रभातम् ॥४॥
सत्यस्वरूप सकलामयनाशन श्री-
कैलासशैलविनिवास पिनाकपाणे
सर्वामयान्तक सुखप्रद विश्वरूप
श्रीविश्वनाथ
तव भासुर सुप्रभातम् ॥५॥
शम्भो शशाङ्कसुरमामुनिवृन्दवन्द्य
काशीपते पशुपते त्रिजगन्निवास।
श्रीफाललोचन फणीश्वरशूलपाणे
श्रीविश्वनाथ
तव भासुर सुप्रभातम् ॥६॥
श्रीशर्व सर्वदुरितापह सत्यमूर्ते
सर्वज्ञ सर्वहृदयस्थित पुण्यमूर्ते
सर्वार्थसिद्धिप्रद भक्तजनैकबन्धो
श्रीविश्वनाथ
तव भासुर सुप्रभातम् ॥७॥
ओङ्काररूप फणिराजविभूषण श्री-
कात्यायनीप्रिय मनोहर चन्द्रचूड।
भक्तार्तिभञ्जन गिरीश जनेश शम्भो
श्रीविश्वनाथ
तव भासुर सुप्रभातम् ॥८॥

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