AMBA STOTRAM

                                                            अम्बास्तोत्रम्
        (hymn to
the gramdevata of Ayre village in Dombivilli Bombay)
 अम्बिके!
प्रणमामि ’त्वामायरे’ ग्रामदेवते,।
 सर्वशक्ते, प्रसीद
त्वं सच्चिदानन्दरूपिणि ॥१॥
  ग्रामरक्षाबद्धदीक्षे,
ग्रामपुष्टिप्रदायिनी!।
  आपन्नवारिके देवि,
दयामयि, नमोऽस्तु ते॥२॥
  प्रसन्नकरुणापूर्णविलोलनयनाम्बुजाम्।
  आकुञ्चितमनोहारिस्फुरच्चिल्लीमतल्लिकाम्॥३॥
  सिन्दूरतिलकोद्भासिविशालनिटिलाञ्चिताम्।
  कपोलबिम्बितारम्यमणिकुण्डलभूषिताम्
॥४॥
  मन्दस्मितमनोहारि
मधुराधरशोभिताम्।
  आनीलपट्टवसनसमावृतकलेबराम्॥५।
  प्रशान्तदिव्यमहसा
परिवेषितविग्रहाम्।
  ध्यायामि त्वां
महादेवीं श्रीविद्याशक्तिरूपिणीम्॥६॥
  
   प्रसीद त्वं शिवे,
देवि, लक्ष्मि, दुर्गे, सरस्वति।
   रम्यं भवद्रूपमिदं
भासतां हृदये सदा ॥७॥
   विपदस्त्राहि नो
देवि! सम्पदो देहि नः शिवे।
   अस्मासु धेहि करुणां
भक्तान् नः पाहि सर्वदा ॥८॥
  
   ग्रामाम्बिकास्तोत्रमिदं
ये पठन्ति समाहिताः।
   शृण्वन्ति वा तथा
तेषु प्रसीदति महेश्वरी॥९॥
(Source: ‘Bhaktitarangini’
by Prof. P.C. Vasudevan Elayath, Published by Kerala Sanskrit Akademi)

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