LYRICS OF ‘VIKSHEHAM KADA GOPALAMURTIM” BY NARAYANA TEERTHA

Lyrics of “veeksheham kadaa
gopalamurtim” by Narayana Teertha
Kriti:  वीक्षेऽहं कदा गोपालमूर्तिम्
Raga:Ahiri
Tala:  Adi
 Pallavi (Refrain)
   वीक्षेऽहं कदा गोपालमूर्तिम्
Anupallavi
   साक्षात् मदनकोटि सौन्दर्य-रस-पेटीम्
Charanam
मृगमद-ललित-तिलक-विलसत्
विशाल फालं
सकल-गुण-संपत्या
सहितं अनन्त लीलम् ॥१॥ (वीक्षेहं…)
बृन्दावन विहारं बद्ध-मयूर-बर्हं
नन्दनन्दनं अखिलानन्दविग्रहम्
॥२॥(वीक्षेहं…)
कालमेघ-शरीरं कलित-विद्युत्-वसनं
केलिकलाकुतुक किञ्चित् कुञ्चिताधरम्  ॥३॥ (वीक्षेहं…)
 
धित्तिमि धिमिधिमिधि ताण्डव-लोलं
अखिल-तापत्रयोपशमक्षम-करुणा-कटाक्षम् ॥४॥  (वीक्षेहं…)
सरल-मुरली-गीत
सरस-सुधा-लहरी
निरत नारायणतीर्थ निर्मल मानस
हंसम् ॥५॥ (वीक्षेहं…)


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